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FIR और Complaint में क्या अंतर है? हर नागरिक को जाननी चाहिए यह कानूनी जानकारी

क्या आप जानते हैं कि Police Station में दी गई हर लिखित शिकायत FIR नहीं होती? बहुत से लोग पुलिस स्टेशन जाकर एक आवेदन (Application) देते हैं और समझते हैं कि उनकी FIR दर्ज हो गई है। लेकिन बाद में पता चलता है कि पुलिस ने केवल Complaint दर्ज की थी, FIR नहीं। यही गलतफहमी आगे चलकर कई कानूनी समस्याओं का कारण बनती है। इसलिए हर नागरिक को FIR और Complaint के बीच का अंतर समझना चाहिए। FIR क्या होती है? FIR का पूरा नाम First Information Report है। जब किसी Cognizable Offence (संज्ञेय अपराध) जैसे चोरी, मारपीट, डकैती, बलात्कार, हत्या आदि की सूचना पुलिस को दी जाती है और पुलिस उस सूचना के आधार पर आधिकारिक रूप से मामला दर्ज कर लेती है, तब FIR दर्ज होती है। FIR दर्ज होने के बाद: FIR Number जारी किया जाता है। जांच (Investigation) शुरू होती है। पुलिस कानूनी कार्रवाई कर सकती है। आवश्यकता पड़ने पर गिरफ्तारी भी हो सकती है। Complaint क्या होती है? Complaint यानी शिकायत। जब कोई व्यक्ति पुलिस को किसी घटना की जानकारी देता है लेकिन पुलिस उसे FIR के रूप में दर्ज नहीं करती, तब वह Complaint कहलाती है। Complaint मिलने...

पत्नी मायके चली गई है क्या करें? झूठे 498A केस से बचने का पूरा कानूनी तरीका

🚨 झूठे 498A के केस की धमकी से कैसे बचें? नमस्कार दोस्तों, मैं हूं अधिवक्ता अंकुर सिंह और आज मैं आपके सामने एक बहुत ही महत्वपूर्ण लीगल टॉपिक लेकर आया हूँ। हमारे समाज में अक्सर देखने को मिलता है कि शादीशुदा महिला ससुराल छोड़कर मायके चली जाती है। इसके बाद कई बार वो अपने पति और ससुराल वालों पर लगातार दबाव डालती है कि उसके खर्चों को उठाया जाए, उसकी हर ज़रूरत पूरी की जाए। इतना ही नहीं, कई बार वो इस दबाव को और बढ़ाने के लिए अपने पति और पूरे परिवार को यह धमकी देती है कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो वह 498A दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा देगी। अब सवाल ये है कि ऐसे हालात में पति और उसके परिवार वालों को क्या करना चाहिए? क्या डरकर हर मांग को मान लेना ही रास्ता है? या फिर इसका कोई कानूनी समाधान भी है? कानूनी उपाय और आपके अधिकार सबसे पहले आपको ये जानना बहुत ज़रूरी है कि 498A एक गंभीर धारणा (Section) है, जिसका गलत इस्तेमाल भी कई बार होता है। लेकिन अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है, तो घबराने की जगह आपको सही कानूनी कदम उठाने चाहिए। 1. लिखित शिकायत दर्ज कराएं यदि आपकी पत्नी आपको बार-बार ब्लैकमेल कर रही है, तो आप...

बीएनएस धारा 72 क्या है? | BNS Section 72 in Hindi | कुछ अपराधों आदि के पीड़ित कि पहचान का खुलासा - Law Dharavahik

नमस्कार दोस्तों, आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 5 की धारा 72 महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 72 क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? साथ ही हम आपको Bhartiya Nyaay Sanhita (बीएनएस) की धारा 72 के अंतर्गत [कुछ अपराधों आदि के पीड़ित कि पहचान का खुलासा] की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। Law Dharavahik  द्वारा विवरण BNS 72 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 72 से अभिप्राय यह है कि अगर कोई व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति की पहचान करने वाले नाम या बात को प्रकाशित या मुद्रित करता है जिसके ख़िलाफ़ धारा 63,64, 65, 66, 67 से 68 के तहत अपराध का आरोप लगाया गया है, तो उसे व्यक्ति विशेष को इस धारा 72 के तहत सज़ा हो सकती है: दो साल तक की जेल हो सकती है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है।   अगर पीड़ित की मौत हो चुकी है या वह नाबालिग है या मानसिक रूप से बीमार है। तो पीड़ित के नज़दीकी रिश्तेदार या उसके लिखित आदेश द्वारा भी यह काम किया जा सकता है। ...

BNS Section 71 | बार बार अपराध करने वालों के लिए सजा | बीएनएस धारा 71 | Law Dharavahik

नमस्कार दोस्तों , आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 5 की धारा यानी (BNS Section 71) महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 71 क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? साथ ही हम आपको Bhartiya Nyaay Sanhita (बीएनएस) की धारा 71 के अंतर्गत [बार बार अपराध करने वालों के लिए सजा] की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। Law Dharavahik  द्वारा विवरण बीएनएस धारा 71 एक ऐसा प्रावधान है जिसका उद्देश्य इन धाराओं में 64, 65, 66, या 70 के तहत बार-बार गंभीर अपराध करने वाले व्यक्तियों के लिए है जिसका उद्देश्य आजीवन कारावास या मृत्युदंड सहित कठोर दंड देना है। पुस्तक द्वारा विवरण  BNS Section 71 जो कोई, धारा 64 या धारा 65 या धारा 66 या धारा 70 के अधीन दंडनीय किसी अपराध के लिए पूर्व में दंडित किया गया है और तत्पश्चात्‌ उक्त धाराओं में से किसी के अधीन दंडनीय किसी अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराया जाता है, आजीवन कारावास से, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के ल...

बीएनएस धारा 70 क्या है? | Section 70 BNS: जाने सामूहिक बलात्कार की सजा व जमानत | Law Dharavahik

नमस्कार दोस्तों , आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 5 की धारा 70 महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 (1),(2) क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? साथ ही हम आपको Bhartiya Nyaay Sanhita (बीएनएस) की धारा 70 और उपधारा (1),(2) के अंतर्गत [सामूहिक बलात्कार] की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। आज हम एक ऐसे युग में रहते हैं जहां आए दिन अखबारों व सुर्खियों में सामूहिक बलात्कार के नए-नए मामले सामने आते रहते हैं। यह अपराध बहुत ही जगन्य अपराध है। यह एक ऐसा अपराध है जो एक महिला के जीवन को तबाह कर देता है और देश के कानून व्यवस्था पर अन्य तरह के सवाल भी उठता है। सामूहिक बलात्कार एक ऐसा अपराध है जिसमें एक से अधिक व्यक्ति किसी भी महिला के साथ जबरन दुष्कर्म करते हो। इस तरह के अपराध  के लिए जागरूकता फैलाना व भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकना एवं अपराध से जुड़ी सभी कानूनी जानकारी प्राप्त कराना हम सभी के लिए बहुत ही जरुरी है। Law Dharavahik  द्वा...

BNS Section 69 | बीएनएस धारा 69 क्या है? | Sexual intercourse by employing deceitful means is now punishable

नमस्कार दोस्तों, आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 5 की धारा 69 महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? साथ ही हम आपको Bhartiya Nyaay Sanhita (बीएनएस) की धारा 69 के अंतर्गत [प्रवंचनापूर्ण साधनों, आदि का प्रयोग करके मैथुन] की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। Law Dharavahik  द्वारा विवरण  BNS Section 69 जो कोई भी धोखे से या बिना किसी इरादे के किसी महिला से शादी करने का वादा करता है और उसके साथ यौन संबंध बनाता है। ऐसा संभोग बलात्कार के अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा। एक अवधि के लिए जिसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। पुस्तक द्वारा विवरण BNS Dhara 69 प्रवंचनापूर्ण साधनों, आदि का प्रयोग करके मैथुन  जो कोई प्रवंचनापूर्ण साधनों द्वारा या किसी महिला को विवाह करने का वचन देकर, उसे पूरा करने के किसी आशय के बिना,...

बीएनएस धारा 68 क्या है | Section 68 Bhartiya Nyaay Sanhita | Sexual intercourse by a person in authority

नमस्कार दोस्तों , आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 5 की धारा 68 महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 68 क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? साथ ही हम आपको Bhartiya Nyaay Sanhita (बीएनएस) की धारा 68 के अंतर्गत [अधिकार प्राप्त व्यक्ति द्वारा संभोग] Sexual intercourse by a person in authority की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। अधिकार प्राप्त व्यक्ति द्वारा संभोग से तात्पर्य यह है कि एक ऐसा व्यक्ति जिसकी (Authority) यानी अधिकार में किसी महिला को रखा गया है और उसे व्यक्ति के द्वारा किसी महिला के साथ बलात्कार किया जाता है। तो इस धारा के तहत उसे दंडित किया जाएगा। इस 68 धारा के तहत क्या-क्या स्थितियां हो सकती हैं? ऐसा कोई व्यक्ति जिसके अधिकार में वो महिला रखी गई है फिर चाहे वह कोई रिश्तेदार क्यों ना हो। या वो कोई सरकारी अधिकारी है। या जेल, रिमांड होम, या इनके द्वारा किसी अन्य स्थान पर या फिर महिलाओं या बच्चों की संस्था का अधीक्षक या प्रबंधक...

बीएनएस धारा 67 क्या है | BNS Section 67 in Hindi | भारतीय न्याय संहिता 2023

नमस्कार दोस्तों, आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 5 की धारा 67 महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 67 क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? साथ ही हम आपको Bhartiya Nyaay Sanhita (बीएनएस) की धारा 67 के अंतर्गत [अलगाव के दौरान पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ या अधिकार प्राप्त व्यक्ति द्वारा संभोग] की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। Law Dharavahik द्वारा विवरण बीएनएस धारा 67 जो पत्नी के साथ बलात्कार से संबंधित अपराध  यदि कोई व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ, जो अलग रह रही है, उसकी सहमति के बिना संभोग करता है। तो उसे 2 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। यह धारा तब लागू होती है। जब पत्नी अलगाव की डिक्री के तहत या अन्यथा अलग रह रही हो। यह धारा पत्नी के साथ बलात्कार को एक गंभीर अपराध मानती है और इसके लिए इसमें सजा का प्रावधान है। BNS Section 67 पुस्तक द्वारा विवरण  अलगाव के दौरान पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ या अधिकार प्राप्त ...

बीएनएस धारा 66 क्या है? | BNS Section 66 in Hindi - मौत का कारण बनने

नमस्कार दोस्तों , आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 5 की धारा 66 के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? साथ ही हम आपको बीएनएस की धारा 66 के अंतर्गत [मौत का कारण बनने या पीड़ित की लगातार क्षीण अवस्था के लिए सजा] की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। BNS Section 66  मौत का कारण बनने या पीड़ित की लगातार क्षीण अवस्था के लिए सजा भारतीय न्याय संहिता की धारा 66 के तहत, बलात्कार करने के कारण पीड़िता की मौत हो जाने या लगातार वानस्पतिक अवस्था (Vegetative State) में आ जाने पर दंड का प्रावधान है। इस धारा के तहत, अगर कोई व्यक्ति बलात्कार के अपराध में शामिल होता है और उस अपराध के दौरान पीड़िता की मौत हो जाती है या वह लगातार वानस्पतिक अवस्था (Vegetative State) में आ जाता है। तो उसे कम से कम 20 साल की कठोर जेल हो सकती है और यह सज़ा आजीवन कारावास तक भी बढ़ाई जा सकती है। BNS Section 66  मौत का कारण बनने या पीड़ित की लगातार क्षीण अवस्था के लिए स...

बीएनएस धारा 65 क्या है? | बलात्कार के लिए सज़ा | BNS Section 65 in Hindi - धारा 65 Bns

नमस्कार दोस्तों, आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 5 की धारा 65 के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 65 क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? साथ ही हम आपको बीएनएस की धारा 65 के अंतर्गत [कुछ मामलों में बलात्कार के लिए सज़ा] की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। आज हम एक ऐसे युग में रहते हैं जहां आए दिन अखबारों व सुर्खियों में बलात्कार के नए-नए मामले सामने आते रहते हैं। यह अपराध धरती का सबसे जगन्य अपराध है। यह एक ऐसा अपराध है जो एक महिला के जीवन को पूरी तरहा से तबाह कर देता है और ऐसे  अपराध देश के कानून व्यवस्था पर अन्य तरह के सवाल भी उठता है। इस तरह के अपराधों के लिए जागरूकता फैलाना व भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकना एवं अपराध से जुड़ी सभी कानूनी जानकारी प्राप्त कराना हम सभी के लिए बहुत ही जरुरी है। BNS Section 65 कुछ मामलों में बलात्कार के लिए सज़ा (1) जो कोई, सोलह वर्ष से कम उम्र की स्त्री के साथ बलात्कार करेगा, उसे कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि बीस वर्ष ...

बीएनएस धारा 64 क्या है? | BNS Section 64 in Hindi - धारा 64 | बलात्कार के लिए सजा

नमस्कार दोस्तों, आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 5 की धारा 64 के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? जब कि यह धारा पहले भारतीय दंड संहिता के अध्याय 16 की धारा 376 हुआ करती थी। साथ ही हम आपको बीएनएस की धारा 64 के अंतर्गत इसमें बलात्संग के लिए दण्ड [बलात्कार के लिए सजा] की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। BNS Section 64 in Hindi  (1) जो कोई भी, उप-धारा   (2) में दिए गए मामलों को छोड़कर, बलात्कार करेगा, उसे किसी भी अवधि के लिए कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जो दस साल से कम नहीं होगा, लेकिन जिसे बढ़ाया जा सकता है। आजीवन कारावास, और जुर्माना भी देना होगा। (2) और जो भी:— (क) एक पुलिस अधिकारी होते हुए, बलात्कार करता है। (i) उस पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर जहां ऐसा पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया हो, (ii) या किसी भी स्टेशन हाउस के परिसर में, (iii) ऐसे पुलिस अधिकारी की हिरासत में या किसी महिला की हिरासत में ऐसे पुलिस अधिकारी क...

BNS Section 63 | बीएनएस धारा 63 क्या है? | BNS Section 63 in Hindi | बलात्कार

नमस्कार दोस्तों, आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 5 की धारा 63 के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 63 क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? जब कि यह धारा पहले भारतीय दंड संहिता के अध्याय 16 की धारा 375 हुआ करती थी। साथ ही हम आपको बी एन एस की धारा 63 के अंतर्गत इसमें बलात्संग [बलात्कार] की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। [BNS Section 63 in Hindi] Law Dharavahik  द्वारा विवरण  बलात्संग [बलात्कार] यदि कोई पुरुष   (अ) किसी स्त्री यानी महिला की योनि, उसके मुंह, मूत्रमार्ग या गुदा में अपना लिंग किसी भी सीमा तक प्रवेश करता है या उससे ऐसा अपने या किसी अन्य व्यक्ति के साथ कराता है। (इ) किसी स्त्री यानी महिला की योनि, मूत्रमार्ग या गुदा में ऐसी कोई वस्तु या शरीर का कोई भाग, जो लिंग न हो, किसी भी सीमा तक अनुप्रविष्ट यानी प्रवेश करता है या उससे ऐसा अपने या किसी अन्य व्यक्ति के साथ कराता है। (उ) किसी स्त्री यानी महिला के शरीर के किसी भाग का इस प्रकार हस्तसाधन करता है...

BNS Section 62 | बीएनएस धारा 62 क्या है? | BNS Section 62 in Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 4 की धारा 62 के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? जब कि यह धारा पहले भारतीय दंड संहिता के अध्याय 5A और धारा 120B हुआ करती थी। साथ ही हम आपको बी एन एस की धारा 62 के अंतर्गत इसमें (आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के लिए प्रयत्न व दण्ड) की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। [BNS Section 62 in Hindi Law Dharavahik  द्वारा विवरण   जो कोई भी व्यक्ति इस संहिता द्वारा आजीवन कारावास से या कारावास से दण्डनीय अपराध करने का, या ऐसा अपराध करेगा या फिर कोशिश करेगा और ऐसी कोशिश में अपराध करने की दिशा में कोई कार्य करेगा, जहां इस संहिता द्वारा ऐसे प्रयत्न के दण्ड के लिए कोई स्पष्ट उपबंध नहीं किया गया है, वहां वह उस अपराध के लिए उपबंधित किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि, यथास्थिति, आजीवन कारावास की आधी या अपराध के लिए उपबंधित दीर्घतम अवधि की आधी तक की हो सकेगी, या ...

BNS Section 61, IPC Section 120A आपराधिक षड्यंत्र | बीएनएस धारा 61

नमस्कार दोस्तों, आज हम पढ़ेंगे की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय 4 की धारा 61 के बारे में एवं पूर्ण जानकारी देंगे कि यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 61 क्या कहती है और इसका क्या अभिप्राय है? जब कि यह धारा पहले भारतीय दंड संहिता 120A हुआ करती थी । साथ ही हम आपको बी एन एस की धारा 61 के अंतर्गत इसमें ( आपराधिक षड्यंत्र ) की परिभाषा इत्यादि की जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। [BNS Section 61 in Hindi] Law Dharavahik  द्वारा विवरण  आपराधिक षड्यंत्र की परिभाषा आपराधिक षड्यंत्र की परिभाषा से तात्पर्य यह है कि अगर दो या उसे अधिक लोग कोई वैध समझौता करते है यानी की जो विधि के अनुकूल हो काम करते है और उसमे अवैध साधनों का उपयोग करते हैं। तो वो पहले भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 120क के खंड 03 में  होता था, पर अब यह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61 के अंतर्गत अपराध होगा। पुस्तक द्वारा विवरण   जब कि दो या अधिक व्यक्ति -    (1) कोई अवैध कार्य, अथवा  (2) कोई ऐसा कार्य, जो अवैध नहीं है, अवैध साधनों द्वारा, करने या करव...